इसलिए हम अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं।
मै नहीं जानती तुम मुझसे कितना प्यार करते हो,
क्या शायरी से प्रपोज़ करना अच्छा रहेगा?
मेरा करवा चौथ अधूरा है बस तेरे दीदार में।
अपने होंठों से कह दो यूं न मुस्कुराया करें
तुम्हारी खुशी
इसलिए हम अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं।
मै नहीं जानती तुम मुझसे कितना प्यार करते हो,
क्या शायरी से प्रपोज़ करना अच्छा रहेगा?
मेरा करवा चौथ अधूरा है बस तेरे दीदार में।
अपने होंठों से कह दो यूं न मुस्कुराया करें
तुम्हारी खुशी